जिन्दगी
जिन्दगी को छेड़ मत ऐ आदमी
जिन्दगी को जिन्दगी जैसी चलन दे।
कब परिन्दो ने छुआ था आसमाॅ
इस कहानी को कहानी तू रहन दे।
गम खुशी का फलसफा है जिन्दगी
गम गलत करने को आँखें नम रहन दे।
इक जिन्दगी मे सैकड़ों है जिन्दगी
जिन्दगी एकाध पूरी तू करने दे।
By...Kumar ajeet
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